‘Fake News’ फैलाना और जमकर कमाना : वे लोग जिन पर Fake News फैलाने का आरोप है.

भारत में आरोप लगे हैं कि फ़ेक न्यूज़ के कारण भीड़ की हिंसा और लिंचिंग के मामलों में लोगों की मौत हुई है.

ऐसे कौन से लोग हैं जो ऐसे ट्विटर हैंडल्स और फ़ेसबुक पन्ने या वेबसाइट्स चलाते हैं जिन पर फ़ेक न्यूज़ फैलाने के आरोप लगे हैं?

फ़ेक न्यूज़ के फैलने में व्हाट्स ऐप को ज़िम्मेदार माना जाता है जिसके भारत में 20 करोड़ से ज़्यादा सब्सक्राइबर हैं.

रिपोर्टों के मुताबिक साल 2018 में फ़ेक न्यूज़ के कारण 24 लोगों की मौत हुई है.

इसी विषय की जांच के लिए हम ग्वालियर पहुंचे.

शहर के मशहूर राम मंदिर के सामने शॉपिंग कॉम्प्लेस में आकाश सोनी का दफ़्तर है.

आकाश ख़ुद को ‘बाल स्वयंसेवक’ बताते हैं जो चार साल की उम्र से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं.

पिछले “छह सालों से” आकाश सोनी ‘बीजेपी ऑल इंडिया’ नाम से एक फ़ेसबुक पेज चला रहे हैं.

इस पेज के क़रीब 12 लाख फ़ेसबुक लाइक्स हैं.

फ़ैक्ट-चेकर वेबसाइट ‘ऑल्ट न्यूज़’ ने ‘बीजेपी ऑल इंडिया’ फ़ेसुबक पन्ने को लगातार फ़ेक न्यूज़ फैलाने वाला बताया है.

‘ऑल्ट न्यूज़’ के मुताबिक पन्ने पर छपी एक तस्वीर में दावा किया गया कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद ख़ाक़ान अब्बासी को अमरीका के एक हवाईअड्डे में जांच के दौरान कपड़े उतारने पड़े हैं. ये फ़ेक ख़बर थी.

आपको ये भी रोचक लगेगा-

#   यह एक फेक न्यूज़ है जो Facebook में तेजी से वायरल किया जा रहा है।

#    प्रधानमंत्री मोदी चोर : यह फेक न्यूज़ है, जो फेसबुक में वायरल

#   सोनिया गांधी विश्व की चौथी सबसे अमीर राजनेता : फेक न्यूज़

#   पाबंदियों के बावजूद मुनाफे में चीन, अमेरिका के साथ चीन का व्‍यापार रिकॉर्ड स्‍तर पर

फ़ेक न्यूज़ के पीछे सोच क्या

ये ख़बरें क्यों छपीं, इस पर आकाश सोनी के अपने तर्क हैं. कभी वो पोस्ट में ग़लती की बात करते हैं, कभी कहते हैं कि ग़लत ख़बरें तो मीडिया के हर हिस्से में चलती हैं तो सिर्फ़ उन पर सवाल क्यों. वो ऑल्ट न्यूज़ की विश्वसनीयता और उसकी फ़ंडिंग पर सवाल उठाते हैं.

आकाश के अनुसार वो ‘वी सपोर्ट अमित शाह’, ‘वंदे मातरम’ और ख़ुद के नाम से भी फ़ेसबुक पन्ने चलाते हैं.

कई फ़ेसबुक ग्रुप्स के सदस्य आकाश ने बताया कि वो क़रीब 350 व्हाट्सऐप ग्रुप्स से जुड़े हैं जहां से उन्हें लगातार जानकारियां मिलती रहती हैं जिसे वो फ़ेसबुक पन्नों पर पोस्ट करते हैं.

आकाश बताते हैं कि इस फ़ेसबुक पन्ने ने उन्हें एक पहचान दी है और पेज पर समस्याओं के ज़िक्र भर से उसका हल निकल जाता है.

सीसीटीवी कैमरों से लैस आकाश सोनी के दफ़्तर में दरवाज़े के साथ स्वामी विवेकानंद की एक लंबी-सी तस्वीर लगी थी.

हाथ में दो मोबाइल, माथे पर टीका और कुर्ता पहने आकाश सोनी की कुर्सी और मेज़ के सामने सोफ़ा रखा है.

आकाश के मुताबिक इसी दफ़्तर में वो सुबह से देर रात तक विभिन्न फ़ेसबुक पन्नों के लिए सामग्री जुटाते हैं.

पेशेवराना तरीके से होता है काम

उनकी सोच किसी डिजिटल न्यूज़रूम में काम करने वाले प्रोफ़ेशनल जैसी है – सुबह क्या छपना चाहिए, दफ़्तर से पहले या बाद में लोग क्या पढ़ना चाहेंगे, दोपहर में लोग क्या देखना चाहेंगे, वो ये सब बातें ध्यान में रखकर फ़ेसबुक पोस्ट करते हैं.

एक सूत्र के मुताबिक गूगल ऐड्स के माध्यम से कई लोगों की मासिक कमाई लाखों में होती है, इसलिए ज़रूरी होता है कि लोगों को पन्नों पर आने और क्लिक करने के लिए प्रेरित किया जाए.

‘बीजेपी ऑल इंडिया’ पेज पर भाजपा और नरेंद्र मोदी के पक्ष में बातों के अलावा कोशिश है पेज पर आने वाले हर सब्स्क्राइबर के लिए कुछ न कुछ हो, जैसे राशिफल, स्वास्थ्य, खेल जगत, मनोरंजन के अलावा हिंदू धर्म से जुड़ी बातें.

आकाश सोनी कहते हैं, “मैं और मेरा एक मित्र राजेंद्र हर 40 मिनट में एक पोस्ट डालते हैं. अपना संदेश फैलाने के लिए बैनर होता है जो राजेंद्र और मैं बनाते हैं…. (पेज का) उद्देश्य युवा पीढ़ी को राष्ट्रवाद की तरफ़ मोड़ना है, भारतीय संस्कृति को लोगों तक पहुंचाना है.”

आकाश बताते हैं कि उन्होंने साल 2011 से नरेंद्र मोदी को प्रमोट करना शुरू किया ताकि “देश और युवाओं की दिशा बदली जा सके.”

वो कहते हैं, “हमें पता था कि इससे (फ़ेसबुक से) हम अपनी बात लोगों तक बिना काटे-पीटे, प्रभावी तरीके से पहुंचा सकते हैं. इलेक्ट्रॉनिक चैनल पर आपको इंतज़ार करना पड़ता है – छापें, दिखाएं या न दिखाएं, ये उन (पत्रकारों) पर निर्भर करता है.”

पढ़िए उन खबरों को जो बनाएं आपका भविष्य, इस DIGITAL दुनिया में खुद के स्मार्ट होने का सही परिचय दे और भारतीय होने पर गर्व करें with FAKENEWSALARM.COM

 

SHARE THIS

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *