पहले ही हो गया था किसी घटना के होने का अहसास, अमृतसर हादसे का सच : पोस्‍टर बना चर्चा का विषय

पोस्टर में लिखा है नेकी पर बदी की जीत, यानि अच्‍छाई पर बुराई की जीत। जबकि यह सही में होना चाहिए था, बदी पर नेकी की जीत।

दशहरे पर कोई बड़ा हादसा या अपशकुन होगा, इसका अहसास लोगों को पहले से ही हो गया था। इसकी गवाह है ये बात, जो कई दिन से सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रही है। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक पोस्टर वायरल हो रहा है, जो अमृतसर में हुए दशहरा उत्सव का है।

इस पोस्टर पर पंजाबी भाषा में लोगों को कार्यक्रम में आने का न्योता दिया गया। लेकिन यह पोस्ट वायरल हुआ, वजह है इसमें की गई गलती, शब्दों की गलती। इस गलती ने लाइन का मतलब बिल्कुल बदल दिया, जिसे एक अपशकुन के तौर पर लिया जा रहा है।

पोस्टर में लिखा है नेकी पर बदी की जीत, जबकि यह सही में होना चाहिए था, बदी पर नेकी की जीत। शब्दों की इसी गलती की वजह से यह पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। अब क्योंकि दशहरे पर अमृतसर में इतना बड़ा हादसा हो गया, तो लोग इसे ही वजह मान रहे हैं।

लोगों का कहना है कि अपशकुन तो पहले ही हो गया था। कुछ भी सही नहीं हुआ, सब गलत हुआ। अब एक दूसरे पर आरोप लगाने, विरोधी बयानबाजी करने से क्या होगा। जिन लोगों की मौत आई थी, वे तो चले गए। अब इस तरह की बातें करके उन्हें वापस तो नहीं लाया जा सकता।

दशहरा कार्यक्रम के आयोजन में किया गया नियमों का उल्लंघन

असल में जोड़ा फाटक में रावण दहन की प्रशासनिक इजाजत नहीं थी। दूसरी सबसे बड़ी चूक यह कि दशहरा दहन स्थल पर लगाई गई एलईडी लाइटों को रेलवे ट्रैक की ओर रखा गया। लोगों की आंखों में सीधे लाइट पड़ रही थी, इसलिए उन्हें रेल ट्रैक दिखाई नहीं दिया। हादसे की एक बड़ी वजह यह थी कि पुतलों के दहन के दौरान जबरदस्त आतिशबाजी हुई, जिस कारण लोग रेलगाड़ी और पटरियों के बीच घर्षण से उत्पन्न होने वाली आवाज और ट्रेन का हार्न नहीं सुन पाए। घायलों के अनुसार जौड़ा फाटक पर भी ट्रेन तेज रफ्तार से गुजरी।

आपको ये भी रोचक लगेगा-

#   यह एक फेक न्यूज़ है जो Facebook में तेजी से वायरल किया जा रहा है।

#    प्रधानमंत्री मोदी चोर : यह फेक न्यूज़ है, जो फेसबुक में वायरल

#   ट्रैवल गाइड, जिन्होंने बनाया दुनिया का नक़्शा

#   पाबंदियों के बावजूद मुनाफे में चीन, अमेरिका के साथ चीन का व्‍यापार रिकॉर्ड स्‍तर पर

प्रशासनिक अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई : औजला

सांसद गुरजीत औजला ने कहा कि यह घटना प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। रावण दहन की आज्ञा किसने दी? यदि आज्ञा नहीं थी तो वहां दशहरा कैसे मनाया गया? प्रशासन ने इसकी जांच नहीं की। प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन होगा।

लोगों ने कहा आयोजकों के खिलाफ होना चाहिए केस दर्ज

वकील रवि महाजन, सुधीर शर्मा ने कहा कि कानून के अनुसार आयोजक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए, क्योंकि हादसे में आयोजकों की लापरवाही सामने आई है। यदि पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया तो वे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे।

पढ़िए उन खबरों को जो बनाएं आपका भविष्य, इस DIGITAL दुनिया में खुद के स्मार्ट होने का सही परिचय दे और भारतीय होने पर गर्व करें with FAKENEWSALARM.COM

SHARE THIS

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *