नदी प्रदूषण स्तर : 2015 में 302 के तुलना में बढ़कर 351 हो गई हैं।

हाल ही में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी CPCB ने देश के नदियों में प्रदूषण की स्तर की जांच की ,  इसके अनुसार देश की नदियों में प्रदूषित हिस्सों की संख्या 2015 में 302 के तुलना में बढ़कर 351 हो गई है ( साथ हैं गंभीर रूप से प्रदूषित हिस्सों की संख्या 34 से बढ़कर 45 हो गया हैं।)

इस आकलन के अनुसार 351 प्रदूषित हिस्सों में से 117 हिस्से केवल 3 राज्यों (महाराष्ट्र , असम  और गुजरात) में हैं।

CPCB  द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र की मीठी नदी का (पवई से धारावी)  तक का हिस्सा सर्वाधिक प्रदूषित है , इसमें बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड 250 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई हैं।

आपको बता दें की , बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड का प्रयोग जल प्रदूषण का स्तर मापने के लिए किया जाता है यह जितना अधिक होता है जल उतना ही अधिक प्रदूषित माना जाता  हैं।

CPCB 3 मिलीग्राम प्रति लीटर बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड से कम (BOD) वाली नदी को स्वस्थ मानता हैं।

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