ई-कॉमर्स वेबसाइट AMAZON के मुताबिक़ : दिल्ली के वायू प्रदूषण से हो रहा फ़ायदा

ई-कॉमर्स वेबसाइट एमज़ॉन के मुताबिक़, साल 2016 में लोगों ने 2015 के मुक़ाबले चार सौ प्रतिशत ज़्यादा एयर प्यूरिफ़ायर ख़रीदे थे. वहीं, 2017 में लोगों ने 2016 के मुक़ाबले 500 प्रतिशत ज़्यादा एयर प्यूरिफ़ायर ख़रीदे थे.

दिल्ली, प्रदूषणFAKENEWSALARM.COM

उत्तर भारत के तमाम शहरों में नवंबर के पहले हफ़्ते में ही वायु प्रदूषण बढ़ने के बाद लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया है.

वहीं, देश की राजधानी दिल्ली में भी बीते बुधवार हवा की गुणवत्ता नापने का सूचकांक 328 तक पहुंच गया जिसे 50 से ज़्यादा नहीं होना चाहिए.

पिछले साल इस सूचकांक के 386 के स्तर पर पहुंचने के बाद दिल्ली सरकार ने सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया था.

इसके साथ ही डॉक्टरों ने लोगों को मास्क लगाकर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी थी.

वायु प्रदूषण को लेकर लोगों में जागरूकता आने की वजह से भारत में एक नया बाज़ार शक्ल ले रहा है.

इस बाज़ार के तहत एंटी-पल्यूशन मास्क, एयर-प्यूरीफ़ाइंग मशीनें, हवा की गुणवत्ता नापने वाले डिजिटल मॉनिटर और कार एयर प्यूरीफ़ायर जैसे उत्पाद शामिल हैं.

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तेजी से बढ़ रहा है ये बाज़ार

ई-कॉमर्स वेबसाइट एमज़ॉन के मुताबिक़, साल 2016 में लोगों ने 2015 के मुक़ाबले चार सौ प्रतिशत ज़्यादा एयर प्यूरिफ़ायर ख़रीदे थे. वहीं, 2017 में लोगों ने 2016 के मुक़ाबले 500 प्रतिशत ज़्यादा एयर प्यूरिफ़ायर ख़रीदे थे.

यही नहीं, एमज़ॉन पर साल 2018 में होम/कार प्यूरिफ़ायर्स की बिक्री में सितंबर महीने के मुक़ाबले अक्टूबर में 450 फीसदी ज़्यादा बिक्री दर्ज की गई है.

एमज़ॉन के साथ-साथ फ़्लिपकार्ट पर भी लोगों ने इस उत्पाद को लेकर रूचि दिखाई है.

फ़्लिपकार्ट के वरिष्ठ निदेशक संदीप करवा भी बताते हैं, “साल 2018 में अक्टूबर 2017 के मुक़ाबले बिक्री में 400 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है और दिल्ली-मुंबई में इन उत्पादों को लेकर ख़ासी रुचि देखी जा रही है.”

ख़ास बात ये है कि इस बाज़ार को बढ़ाने में महिलाओं का अहम योगदान है.

जयधर गुप्ता बताते हैं, “हमारे यहां मास्क और एयर प्यूरीफ़ायर ख़रीदने वालों में महिलाओं का प्रतिशत लगभग 60 से 65 प्रतिशत है क्योंकि इंडोर एयर प्यूरीफ़ायर जैसे उत्पाद का सीधा फ़ायदा महिलाओं और उनके बच्चों को ही होता है. ऐसे में ये लाज़मी है कि महिलाएं एक अहम ग्राहक वर्ग बन जाती हैं.”

दिल्ली, प्रदूषण

महिलाओं की अहमियत को देखते हुए वैश्विक कंपनियों भी महिला केंद्रित विज्ञापनों का सहारा ले रही है.

नीदरलैंड की कंपनी फ़िलिप्स के विज्ञापन में बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर नज़र आती हैं जो कि एक मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में रहने वाली मां का किरदार निभा रही हैं.

असल ज़िंदगी में भी वह एक शादीशुदा महिला होने के साथ-साथ एक बच्चे की मां हैं.

विज्ञापन में करीना कपूर कहती हैं, “मां हूं, इसलिए काफ़ी प्रोटेक्टिव हूं. जब मुझे पता चला कि मेरे घर का प्रदूषण 500 का आंकड़ा छू जाता है जबकि डब्ल्यू एचओ के मुताबिक़ ये स्तर 25 तक होना चाहिए. अब तक मैं बाहर के प्रदूषण को लेकर ही चिंतित थी.”

इन विज्ञापनों की सामग्री में विश्व स्वास्थ्य संगठन, भावनाओं और तर्कों के प्रयोग से वैश्विक ब्रैंड दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में रहने वाली महिलाओं को अपनी ओर आकर्षित करना चाहते हैं.

फ़्लिपकार्ट के वरिष्ठ निदेशक संदीप करवा भी बताते हैं कि पिछले साल के मुक़ाबले 2018 में उत्तर भारत में 8 गुना ज़्यादा प्यूरिफ़ायर ख़रीदे गए हैं.

इसके साथ एमआई, फ़िलिप्स, हनीवेल, टेफ़ल, सैमसंग, लिवप्योर और ब्लूस्टार जैसी कंपनियों के प्यूरिफ़ायर ज़्यादा ख़रीदे जा रहे हैं जो कि मात्र साढ़े चार हज़ार रुपए से शुरू होते हैं.

मार्केट ट्रेंड्स पर नज़र डालें तो ये पता चलता है कि लगातार तीन साल प्रदूषण से होने वाली असुविधाओं का सामना करने के बाद आम लोगों ने एयर प्यूरीफ़ायर जैसे उत्पादों पर विचार करना शुरू कर दिया है.

अंग्रेज़ी न्यूज़ वेबसाइट क्वार्ट्ज़ ने हाल ही में लंदन स्थित मार्केट रिसर्च फर्म यूरो मॉनिटर की रिसर्च से जुड़े आंकड़े प्रकाशित किए हैं.

इस रिसर्च में सामने आया है कि भारत में साल 2017 में लगभग दो लाख एयर प्यूरीफ़ाइंग मशीनों को ख़रीदा गया था.

वहीं, इस प्रोडक्ट कैटिगरी में बीते साल कुल 116 करोड़ रुपए की बिक्री दर्ज की गई थी जो कि साल 2014 के मुक़ाबले दोगुने से भी ज़्यादा थी.

यही नहीं, यूरोमॉनिटर ने इस बात की संभावना भी जताई है कि साल 2022 तक ये बाज़ार 14.5 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ सकता है.

वहीं, दिल्ली के ख़ान मार्केट स्थित निर्वानाबींग नाम की कंपनी के सीईओ जयधर गुप्ता मानते हैं कि लोगों के जागरूक होने की वजह से ये बाज़ार तेजी से आगे बढ़ रहा है.

वे कहते हैं, “विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट आने के बाद लोगों में जागरूकता तेजी से बढ़ी है. ये सिर्फ़ दिल्ली नहीं पूरे भारत में वायु प्रदूषण को लेकर जागरूकता बढ़ रही है. हमारे पास आंध्र प्रदेश, पंजाब और उत्तर प्रदेश से ऑर्डर आ रहे हैं.”

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